बुधवार, 13 जनवरी 2010

सद्विचार

सदविचार


"होठों पर मुस्कान हर मुश्किल को आसान कर देती है"


"आत्मोन्नति के लिए यदि अधिक से अधिक समय लगायें तो दूसरों की आलोचना करने का समय नही मिलेगा "

"जीवन एक नाटक है , यदि हम इसके कथानक को समझ ले तो सदैव प्रसन्न रह सकते है।"

"आयु बढ़ने से या दुर्घटना से सुन्दरता नष्ट हो सकती है पर आत्मिक सुन्दरता कभी नष्ट नही होती है"

"आज समाज, राष्ट्र व् विश्व की सबसे जटिल समस्याओं का एकमात्र हल है चरित्र निर्माण । चरित्र बिगड़ जाने पर कोई प्रतिष्ठा बाकी नही रहती "

"जब आप क्रोधित होतें है तो आपकी सारी शक्ति नष्ट हो जाती है, अतः शक्ति का प्रयोग बुद्धिमता से करे।"

"यदि आप अकेले है तो आपका कोई महत्व नही, परन्तु यदि आप संगठन मे स्नेहशील, रमणीक, व सहयोगी होकर रहते हैं तो आप मूल्यवान है। "

"मीठा बोलने मे एक कौडी भी नही खर्च होती है फ़िर कंजूसी क्यों? सदा प्रेमयुक्त, मधुर, व सत्यवचन बोलें।" "जो प्रेम किसी को क्षति पहुंचाए वह प्रेम है ही नहीं।"

"अपने क्षत्रु से छुटकारा पाने का सबसे सरल उपाय यह है की उन्हें अपना मित्र बना लीजिये।" "जब प्रगति होती है तो परिवर्तन स्वभाविक है। यदि आप परिवर्तन से डरते हैं तो उन्नति कैसे हो सकती है?"

इस बात की परवाह मत करो की लोग तुम्हे क्या कहेंगे ? लोग तो अपने अपने मन की कहेंगे । वे राग द्वेष का जैसा चश्मा चढाये होंगे वैसा ही कहेंगे. उनकी प्रशंसा में फूलो मत और उनकी निंदा से घबराकर लक्ष्य से मत हटो.

नाम और यश की चाहना से दूर रहने वाले प्रतिष्ठा, पद, और ख्याति से बचने वाले सच्चे लोकसेवक सचमुच में ही इस धरती के देवदूत कहलाते है ।

जब तक तुम स्वयं अपना उद्धार करने के कमर कसकर खड़े नहीं होंगे तब तक करोडो ईसा मुहम्मद बुद्ध या राम मिलकर भी आपकी रत्ती भर मिलकर सहायता नहीं कर सकते . इसीलिए दूसरो की और मत ताको अपनी सहायता आप करो.

मनुष्य जितना निर्भय होता है उतना ही वह महान कार्यो का सूत्रपात करता है

उठो, मन की मलिनता हटाओ।" सुविधायें नही हैं, प्रयोगशालाये नही हैं, कह कर बैठने से काम नही चलेगा। तुम्‍हारा मन ही सबसे बड़ी प्रयोगशाला है। आलस्‍य त्‍यागो, जहाँ हो वहीं से कार्य आरम्‍भ करो। 'याद रखो'; जो लोग वित्तेषणा व लोकेषणा के लिये कार्य नही करते असफलतायें उन्‍हे रोक नही पातीं।

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