बुधवार, 13 जनवरी 2010

सदविचार

  • मुस्कान प्रेम की भाषा है।
  • सच्चा प्रेम दुर्लभ है, सच्ची मित्रता और भी दुर्लभ है।
  • अहंकार छोडे बिना सच्चा प्रेम नही किया जा सकता।
  • प्रसन्नता स्वास्थ्य देती है, विषाद रोग देते है।
  • प्रसन्न करने का उपाय है, स्वयं प्रसन्न रहना।
  • अधिकार जताने से अधिकार सिद्ध नही होता।
  • एक गुण समस्त दोषो को ढक लेता है।
  • दूसरो से प्रेम करना अपने आप से प्रेम करना है


  • धन अपना पराया नही देखता।
  • जैसा अन्न, वैसा मन।
  • अहिंसा सर्वोत्तम धर्म है।
  • बहुमत की आवाज न्याय का द्योतक नही है।
  • अन्याय मे सहयोग देना, अन्याय के ही समान है।
  • विश्वास से आश्चर्य-जनक प्रोत्साहन मिलता है।

5 टिप्‍पणियां:

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लाग लेखन के लिये स्वागत और बधाई । अन्य ब्लागों को भी पढ़ें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देने का कष्ट करें

savita ने कहा…

satya vachan.....inper amal karne ki koshish rahegi.
kabhi hamare blog ke bhi darshan kijiye.
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uthojago ने कहा…

great collection

janokti ने कहा…

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संगीता पुरी ने कहा…

अच्‍छा लगा आपका ब्‍लॉग .. इस ब्‍लॉग के साथ आपका हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!