सोमवार, 31 मार्च 2014

राष्ट्र भाषा हिन्दी

ममता सुराणा 
लेखिका  

हम सब भारतवासी करते नाज हमारी भाषा पर।
हिन्दी मातृभाषा है गर्व करें इस बात पर।।
हिन्दी पर बिन्दी लगी हुई है आज कल के दौर में ।
बच्चे सारे पढ रहे हैं कन्वेंट में अंग्रेजी के शोर में।।
सारी भाषाओं का ज्ञान हो बात बडी है उत्तम।
मातृभाषा रहे मगर सर्वदा निकटतम।।
हिन्दुस्तान का मान बढाना है
हिन्दी को अपनाना है
हिन्दी भाषी क्यों शरमामाएं
अंग्रेजी से हम क्या पाएं?
 गर्व करें अपनी भाषा पर
लिखें पढें हिन्दी के अनुश्वर।
संस्कृत हिन्दी का विकास हो. घर घर इसका अभ्यास हो
हिन्दी दिवस एक दिन क्यों साल में
प्रति दिन बोलें हर हाल में
मीठी मधुर जुबां है हिन्दी
मत लगने दो इस पर बिन्दी।

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